July 18, 2026 · Jogajog टीम · 2 मिनट पढ़ें
संक्षिप्त उत्तर: इम्पोर्ट वैलिडेशन कमिट से पहले संभावित डुप्लीकेट फ़्लैग कर देता है, ताकि मर्ज-या-नया का फ़ैसला आप पूरे संदर्भ के साथ लें। लॉन्च के बाद फ़ोन नंबर स्वाभाविक यूनिक-की का काम करता है — एक नंबर, एक सदस्य।
डुप्लीकेट प्रायः पुरानी सूचियों से घुसते हैं; फ़्लैग रिपोर्ट उन्हें सीमा पर ही पकड़ लेती है।
एक ही व्यक्ति के दो नंबर? एक रिकॉर्ड रखिए; दूसरा नंबर किसी कस्टम फ़ील्ड में रह सकता है।
बाद में सवाल उठें तो ऑडिट लॉग हर मर्ज-निर्णय का सुराग़ देता है।
एक नंबर एक ही साइन-इन पहचान से जुड़ता है — दूसरे सदस्य को उनका अपना नंबर या ईमेल दीजिए।
पहचान की कुंजी नाम कभी नहीं होते; नंबर और सदस्य ID होते हैं।
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